जल की बूँद-बूँद कीमती है। ***** स्नान बाल्टी में पानी भरकर करे, फव्वारे से नहीं। ***** शेव व दंत मंजन मग में पानी भरकर करें, नल लगातार चालू रखकर नहीं। ***** कपडों की धुलाई बाल्टी में पानी भरकर करें, नल लगातार चालू रखकर नहीं। ***** वाहन बाल्टी में पानी भरकर साफ करें, नल से पाईप लगाकर नहीं। ***** पौधे लगे गमलों में पानी मग से डालें, नल में पाइप लगाकर नहीं। ***** घर के फर्श की धुलाई बाल्टी से पानी डालकर करें, नल में पाइप लगाकर नहीं। ***** खराब नल से टपकता पानी बंद करने के लिये तुरन्त कार्यवाही करें, आलस नहीं। ***** जल सम्पदा सीमित है इसका मितव्ययता पूर्वक सदुपयोग करें, अपव्यय नहीं। ***** जब पानी बिकेगा तोल, तब समझोगे इसका मोल! ***** बूँद-बूँद पानी, बचाऐ सो ज्ञानी।

चांद अपनी कहानी सुनाता है।

चांद तारों की गवाही से जुदा, आसमान में खो जाने की चाह, जब रात की चादर धक जाती है, तो वो चांद अपनी कहानी सुनाता है।

उसकी चाहत भी तारों से ज्यादा दूर, जैसे वो अपनी रौशनी को छुपाता है, जब रात की गहराईयों में खो जाता है, तो वो चांद अपनी कहानी सुनाता है।



उसकी राहों में तारे बिखरे होते हैं, जैसे वो अपनी खोई हुई ख्वाहिशों को ढूंढता है, जब रात की अंधेरी गलियों में घूमता है, तो वो चांद अपनी कहानी सुनाता है।

चांद तारों की गवाही से जुदा, वो अपनी अनगिनत राज़ों को छुपाता है, जब रात की चादर धक जाती है, तो वो चांद अपनी कहानी सुनाता है।


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