“शब्द जब भीतर बोलने लगें, तो वे काग़ज़ पर उतरने ही चाहिए।”
यह ब्लॉग मेरे मन के उन पन्नों का संग्रह है, जो कभी डायरी के रूप में बहते हैं, कभी कविता बनकर गुनगुनाते हैं, तो कभी कहानी बनकर किसी और का जीवन जी लेते हैं। यहाँ न कोई बड़े दावे हैं, न कोई भाषाई चमत्कार—बस कुछ अनुभव, कुछ भावनाएँ, और कुछ शब्द, जो मेरी आत्मा के सबसे पास हैं।
यहाँ आप पाएँगे मेरी यात्रा, मेरी संवेदनाएँ, मेरी चुप्पियाँ... और शायद कभी-कभी अपने ही मन की कोई गूंज।
यह ब्लॉग सिर्फ एक डिजिटल मंच नहीं है, यह मेरी आत्मा का आईना है। यहाँ जो कुछ भी है—वो बस यूँ ही नहीं लिखा गया, वो जिया गया है। कभी किसी शांत सुबह की डायरी, कभी स्मृतियों से गुथी कोई कविता, तो कभी कल्पना से जन्मी एक कहानी—हर पंक्ति में मैं हूँ।
जब मैंने पहली बार कलम उठाई थी, तब शायद मैं खुद को ही समझना चाहता था। धीरे-धीरे शब्द मेरे साथी बन गए। वे मेरी चुप्पियों को आवाज़ देने लगे, मेरी संवेदनाओं को आकार देने लगे। इस ब्लॉग पर वही शब्द, उन्हीं क्षणों के प्रमाण बनकर बसे हैं।
यहाँ आपको मिलेंगी मेरी डायरी की झलकियाँ—जहाँ हर दिन की धड़कन दर्ज है। कुछ कविताएँ—जो उदासी में संबल हैं, और खुशी में राग हैं। कुछ कहानियाँ—जिनमें मेरे ही हिस्से बिखरे हुए हैं, और शायद आपके भी। कभी कोई क्षण इतना अपना सा लगा कि उसे बचा लिया मैंने, इन पन्नों पर सहेज कर।
यह ब्लॉग हर उस पाठक के लिए है जो अपनी भी भावनाओं को शब्दों में ढूँढ रहा है। शायद मेरी कहानियों में उसे अपनी कोई परछाईं मिल जाए, या मेरी कविताओं में कोई अनकहा एहसास।
स्वागत है इस भावनाओं की यात्रा में, जहाँ हर मोड़ पर कोई अनुभव, कोई दृश्य, और कोई अधूरी बात—आपका इंतज़ार कर रही है।